अब कमिश्नर कॉलेजियम तय करेगा आयकर क्रिमिनल केस, ई-मेल से ही भेजे जाएंगे नोटिस
अब आयकर चोरी के मामले में सीधे तौर पर आयकर अधिकारी क्रिमिनल केस दर्ज नहीं कर सकेंगे। सरकार ने इसके लिए कमिश्नर कॉलेजियम का प्रावधान कर दिया है।केंद्रीय कानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने बताया कि अभी तक आयकर विभाग के स्तर पर टैक्स चोरी के मामले में सीधे क्रिमिनल प्रक्रिया शुरू कर दी जाती थी।
 

कई मामले ऐसे होते थे, जिनमें आयकरदाता की भूल के चलते टैक्स चोरी हो जाता था। लिहाजा, यह तय किया गया है कि तीन इनकम टैक्स कमिश्नर का कॉलेजियम इस पर फैसला लेगा। टैक्स चोरी का मामला इस कॉलेजियम के पास जाएगा।

वह अच्छी तरह समझने के बाद ही क्रिमिनल केस दर्ज करने की प्रक्रिया को हरी झंडी देंगे। कानून मंत्री रवि शंकर ने कहा कि आज भी हिंदुस्तान में रोटी बांटने की राजनीति हो रही है। हमें रोटी बांटने नहीं बल्कि रोटी बढ़ाने की राजनीति करनी है। 


अब नहीं दिया जाएगा नोटिस



आयकरदाताओं के लिए आमतौर पर मुसीबत बने रहने वाले आयकर नोटिस अब केवल डिजिटल फॉर्मेट यानी ई-मेल के माध्यम से ही जाएंगे। कानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि 30 नवंबर के बाद अगर कोई भी आयकर अधिकारी नोटिस भेजे तो उसे फाड़कर फेंक दें। दरअसल, ई-नोटिस के लिए पूरी प्रक्रिया अपनानी पड़ती है। ई-नोटिस आने के बाद आयकर का कोई भी अधिकारी अपनी मनमानी से किसी को नोटिस नहीं भेज पाएगा।

ईमानदारी से सामने आएं आयकरदाता
कानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि जिस देश में पिछले चार साल में दो करोड़ लोग विदेश गए, 2.5 करोड़ लोगों ने गाड़ी खरीदीं, वहां केवल 2000 लोग ही ऐसे हैं, जो एक करोड़ से ऊपर रिटर्न फाइल करते हैं। आज भी नोन कारपोरेट में 10 लाख या इससे ऊपर की रिटर्न फाइल करने वाले केवल 50 लाख लोग हैं। 130 करोड़ की आबादी में केवल 8.45 करोड़ लोग ही टैक्स देते हैं। लिहाजा, यह संख्या बेहद कम है। इसे बढ़ाने के लिए उन्होंने सभी से ईमानदारी से आयकर जमा कराने की अपील की।